खाटू श्यम का जन्मदिन कब है?
भारत के राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध मंदिर खाटू धाम में हर वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है कि खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन “देवउठनी एकादशी” के दिन होता है — कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी।
साल 2025 में यह 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाया जाएगा।
इस दिन को सिर्फ जन्मदिन के रूप में नहीं बल्कि देवों के उठने के प्रतीक रूप में भी माना जाता है — अर्थात् “देवउठनी एकादशी”।
जन्मदिन क्यों मनाया जाता है?
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ऐसा माना जाता है कि खाटू श्याम बाबा (अक्सर बर्बरीक/बरब्रिक के अवतार से जोड़े जाते हैं) ने कलियुग के भक्तों का “हारे का सहारा” बनने का वचन लिया था।
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मंदिर में इस दिन विशेष भजन-कीर्तन, पूजा-आरती होती है और लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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भक्तों का यह विश्वास है कि इस दिन बाबा की कृपा विशेष रूप से मिलती है, इसलिए भोग-प्रसाद आदि सज-संवार के साथ लगाए जाते हैं।
इस दिन क्या-क्या किया जाता है?
🎉 पूजा-पद्धति
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सुबह जल्दी उठकर स्वच्छ होकर मंदिर या घर में बाबा की पूजा करें।
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शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के अनुसार आरती-पूजा करें — इस दिन “देवउठनी” की तिथि शुरू होती है।
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मंदिर में विशेष सजावट, फूल-फूलों से श्रृंगार, भजन-कीर्तन का आयोजन।
🍲 भोग-प्रसाद (विशेष भोजन)
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खाटू श्याम जी को विशेष रूप से चूरमा और पेड़ा का भोग बहुत प्रिय माना गया है।
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दूध, मावा-केक, खीर आदि दूध-मूलक एवं मीठे प्रसाद भी दिए जाते हैं।
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यदि घर में बना रहे हों तो सुबह से सामग्री तैयार करें ताकि समय पर आराधना हो सके।
🏞️ मंदिर-यात्रा
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यदि संभव हो, तो खाटू धाम पहुँचें — बड़ी संख्या में देशभर से भक्त आते हैं।
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यात्रा से पहले व्यवस्थाएँ और भीड़-भाड़ को ध्यान में रखें।
घर पर कैसे मनाएं?
अगर मंदिर जाना संभव नहीं, तो घर पर भी यह पर्व श्रद्धा से मनाया जा सकता है:
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घर में एक साफ-सुथरा जगह चुनें (अल्थOUGH मंदिर का स्थान हो तो अच्छा)।
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बाबा का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें और उस पर फूल चढ़ाएं।
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सुबह स्नान कर स्नानोत्तर वस्त्र धारण करें।
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भोग के लिए चूरमा/पेड़ा तैयार करें — घर में बना हुआ स्वाद बढ़ाता है।
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भजन-पूजा करें, ‘जय श्री श्याम’ का जयकारा लगाएं।
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एकादशी व्रत रखें या सात्विक भोजन करें।
महत्वपूर्ण बातें याद रखें
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तिथि-उद्घाटन (एकादशी आरंभ) हर साल बदल सकती है, इसलिए पंचांग देखें।
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प्रसाद की सामग्री पहले से तैयार रखें ताकि पूजा-समय में किसी दुविधा न हो।
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मंदिर जाने वालों को यात्रा-पूर्व इंतज़ाम करना बेहतर रहेगा — भीड़ बहुत होती है।
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पूजा-परिस्थिति में विनम्रता व आस्था रखनी चाहिए — “हारे का सहारा” बाबा के नाम का भाव याद रखें।
निष्कर्ष
इस वर्ष 1 नवंबर 2025 को खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन यानी देवउठनी एकादशी बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। चाहे मंदिर जाएं या घर-पर ही पूजा करें — भोग चढ़ाएं, भजन गाएं, और बाबा श्याम की कृपा के प्रति अपना समर्पण बनाएं।
“हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा” का भाव रखने वालों के लिए यह दिन विशेष अवसर है।
👉 आप तैयार रहें — सामग्री और मन की शुद्धता लेकर, खाटू श्याम बाबा के जन्मोत्सव का आनंद लें।
जय श्री खाटू श्याम! 🙏
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