उज्जैन के 12 प्रमुख मंदिर: इतिहास, धार्मिक महत्व और दर्शन स्थल
उज्जैन के 12 प्रमुख मंदिर: इतिहास, धार्मिक महत्व और दर्शन स्थल
October 26, 2025 Admin 0 min read

उज्जैन के 12 प्रमुख मंदिर और उनका धार्मिक महत्व

उज्जैन, मध्यप्रदेश का एक प्राचीन और पवित्र धार्मिक स्थल है। यह शहर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है और यहाँ हिंदू धर्म के अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं। उज्जैन के मंदिरों का इतिहास, वास्तुकला और धार्मिक महत्व इसे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए विशेष बनाता है। यहाँ के मंदिर न केवल पूजा और आराधना के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण भी जाने जाते हैं।


1. श्री महाकालेश्वर मंदिर

महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन का सबसे प्रतिष्ठित और प्रमुख मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और विश्व के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मंदिर में स्थित महाकालेश्वर शिवलिंग अत्यंत प्रभावशाली है और इसे देखने के लिए साल भर हजारों भक्त आते हैं। मंदिर रुद्रसागर झील के पास स्थित है, जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराती है। महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष अनुष्ठान और भव्य उत्सव मनाए जाते हैं।

स्थान: जयसिंहपुरा, उज्जैन


2. काल भैरव मंदिर

काल भैरव मंदिर उज्जैन की तांत्रिक और प्राचीन धार्मिक परंपरा को दर्शाता है। यह मंदिर भगवान शिव के एक भयंकर रूप काल भैरव को समर्पित है। मंदिर में स्थित भैरवजी की मूर्ति और नंदी बैल भक्तों की गुप्त इच्छाओं को भगवान तक पहुँचाने का माध्यम माने जाते हैं। मंदिर का वातावरण शांत और रहस्यमय है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यह मंदिर भक्तों से भर जाता है।

स्थान: जेल रोड, भैरवगढ़, उज्जैन


3. चिंतामन गणेश मंदिर

चिंतामन गणेश मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। मंदिर की मूर्ति को "चिंतामन" नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है - सभी चिंताओं को दूर करने वाला। यह मंदिर उन भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो मानसिक तनाव और कठिनाइयों से छुटकारा पाना चाहते हैं। हर बुधवार और रविवार यहां भक्तों की भारी भीड़ लगती है।

स्थान: चिंतामन रोड, उज्जैन


4. हरिसिद्धि मंदिर

हरिसिद्धि मंदिर देवी हरिसिद्धि को समर्पित है और यह इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मंदिर शिप्रा नदी के किनारे स्थित है और अपनी मराठा शैली की भव्य कलाकृतियों और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यहां देवी हरिसिद्धि के साथ-साथ अन्नपूर्णा, महासरस्वती और महालक्ष्मी को भी पूजा जाता है। यह मंदिर भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और शांति प्रदान करता है।

स्थान: हरसिद्धि मार्ग, उज्जैन


5. राम घाट

राम घाट शिप्रा नदी के किनारे स्थित एक पवित्र स्थल है। माना जाता है कि भगवान राम वनवास के दौरान अपनी अर्धांगिनी सीता के साथ यहाँ स्नान करने आए थे। यह घाट कुंभ मेले और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी प्रसिद्ध है। श्रद्धालु यहां पवित्र जल में स्नान करके अपने पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए आते हैं। शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है।

स्थान: जयसिंहपुरा, उज्जैन


6. गोमती कुंड (सांदीपनि आश्रम)

सांदीपनि आश्रम के पास स्थित गोमती कुंड एक पवित्र जल-कुंड है। कहा जाता है कि इस कुंड में दुनिया के पवित्र स्थलों का जल डाला गया है। यह कुंड ध्यान, साधना और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए आदर्श स्थल है। आश्रम के चारों ओर हरियाली और शांत वातावरण भक्तों को मानसिक शांति प्रदान करता है। यह स्थान पिकनिक और तीर्थयात्रा दोनों के लिए लोकप्रिय है।

स्थान: सांदीपनि आश्रम के पास, उज्जैन


7. द्वारकाधीश गोपाल मंदिर

द्वारकाधीश गोपाल मंदिर भगवान कृष्ण के बाल रूप को समर्पित है। मंदिर मराठा वास्तुकला शैली में निर्मित है और संगमरमर के शिखरों तथा भव्य निर्माण के लिए जाना जाता है। मंदिर में गरुड़, भगवान शिव और पार्वती की मूर्तियाँ भी पूजा जाती हैं। इसका ऐतिहासिक महत्व भी अद्वितीय है क्योंकि यह मंदिर समय-समय पर आक्रमणों और जीर्णोद्धारों से गुजरा है।

स्थान: गोपाल मंदिर मार्ग, सिटी सेंटर, उज्जैन


8. राम जनार्दन मंदिर

श्री राम जनार्दन मंदिर 17वीं शताब्दी में निर्मित है। यह मंदिर राम और जनार्दन को समर्पित है और इसकी दीवारों पर राम और कृष्ण के जीवन की झांकियाँ चित्रित हैं। मंदिर का निर्माण मराठा वास्तुकला शैली में किया गया है और यह कला, संस्कृति और धार्मिक महत्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।

स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश


9. मंगलनाथ मंदिर

मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह को समर्पित है। यहाँ नियमित पूजा और मंगल शांति अनुष्ठान होते हैं। यह मंदिर शहर के सबसे सक्रिय और लोकप्रिय मंदिरों में से एक है। जिन भक्तों का मंगल ग्रह कमजोर होता है, वे विशेष रूप से इस मंदिर में आते हैं।

स्थान: गंगेश्वर महादेव के पास, उज्जैन, मध्य प्रदेश


10. गढ़कालिका मंदिर

गढ़कालिका मंदिर देवी काली को समर्पित है। यह मंदिर ज्ञान और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। माना जाता है कि यहीं पर कालिदास ने माता गढ़कालिका की पूजा की थी। नवरात्रि के दौरान यह मंदिर विशेष रूप से भक्तों से भरा रहता है।

स्थान: स्थिरमन गणेश के पास, उज्जैन, मध्य प्रदेश


11. चौबीस खंभा मंदिर

चौबीस खंभा मंदिर छोटी माता और बड़ी माता को समर्पित है। इसका नाम मंदिर के चौबीस स्तंभों पर पड़ा है। यह मंदिर राजा विक्रमादित्य के काल में निर्मित हुआ था और उज्जैन के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल है। शुक्ल पक्ष अष्टमी और नवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की भारी भीड़ रहती है।

स्थान: गुदरी चौराहा, जयसिंहपुरा, उज्जैन, मध्य प्रदेश


12. इस्कॉन मंदिर

उज्जैन का इस्कॉन मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है। यह मंदिर अपनी भव्य स्थापत्य कला, कलात्मक आकर्षण और रंगों के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के अंदर भक्त आरती और पूजा के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं।

स्थान: हरे कृष्ण भूमि, प्रशासनिक क्षेत्र, भरतपुरी, उज्जैन, मध्य प्रदेश

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